А¤ёа¤°аґќа¤µа¤¶аґќа¤°аґ‡а¤·аґќа¤ А¤®аґѓа¤№а¤®аґќа¤®а¤¦ А¤°а¤«а¤јаґђ А¤•िशഋर А¤•ഃमार А¤іа¤¤а¤ѕ А¤®а¤‚गഇशकर А¤№а¤їа¤‚दഐ А¤—ासഇ А¤•ഇ 2019 - А¤єаґѓа¤°а¤ѕа¤ёаґ‡ А¤¦аґѓа¤– А¤•аґђ А¤¬а¤ѕа¤¤ 90's А¤ёа¤¦а¤ѕа¤¬а¤№а¤ѕа¤° ✰

'क्या हुआ तेरा वादा', 'दिन ढल जाए', और 'ओ दुनिया के रखवाले'।

रफी साहब की आवाज में वो कशिश थी जो रूह को छू लेती थी। उनके उदास गानें सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि एक अहसास हैं। 'क्या हुआ तेरा वादा'

यह पोस्ट 90 के दशक और उससे पहले के उन सदाबहार गानों का एक खूबसूरत संग्रह है, जो आज भी हमारे दिल के सबसे करीब हैं। जब बात दर्द भरे या 'Sad Songs' की आती है, तो इन तीन दिग्गजों की आवाज़ का कोई मुकाबला नहीं: 'दिन ढल जाए'

'लुका छुपी', 'शीशा हो या दिल हो', और 'लग जा गले'। 'शीशा हो या दिल हो'

जहाँ किशोर दा अपनी मस्ती के लिए जाने जाते थे, वहीं उनके 'Melancholy' (उदासी) वाले गाने अकेलेपन के सबसे अच्छे साथी हैं।

'chingari koi bhadke', 'मेरे नैना सावन भादो', और 'घुंघरू की तरह बजता ही रहा हूँ'।